Posts

Showing posts from July, 2020

राजस्थान के मुख्यमंत्री गाँधीवादी नेता अशोक गहलोत राजनीतिक रूप से बहुत हिंसक हैं

  राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी उठापटक जारी है। मध्यप्रदेश के सत्ता परिवर्तन के बाद सभी की नज़रें लगातार अब राजस्थान के रेगिस्तान पर जम गईं हैं।   आगे जो भी हो लेकिन फिलहाल इस उठा पटक में गहलोत बाजी मारते दिख रहे हैं। प्रदेश की राजनीति की बात करें तो 11 दिसंबर 2018 को राजस्थान मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव के नतीजे आते हैं। राजस्थान में पिछले कई चुनाव हारने के बाद इस बार कांग्रेस सीमित सीटों के साथ बहुमत तक पहुँचती है। पिछले चार वर्षों से प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सम्भाल रहे सचिन पायलट इस जीत के साथ खुद  के  मुख्यमंत्री होने का दावा करते हैं। लेकिन दोनों नेताओं में उठापटक सरकार बनने के पहले से जारी थी। जिसकी शुरूआत टिकट बंटवारे को लेकर ही हो चुकी थी। प्रदेश आध्यक्ष होने के नाते सचिन समर्थकों को टिकट दिये जाते हैं। जिसके बाद गहलोत समर्थक निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं और जीत भी जाते हैं। कांग्रेस 101, बसपा 6, भाजपा 75 और बाकी 18 विधायक अन्य पार्टियों के साथ निर्दलीय चुनकर आते हैं। यहाँ पर गहलोत स्थानिय नेता हो...

"हगिया सोफिया, मस्जिद या फिर चर्च" तुर्की के खिलाफ हुए कई देश

Image
   तुर्की की 1500 साल पुरानी इमारत हयाग सोफिया जो कि एक संग्रहालय के रूप में पहचान रखती थी। अब तुर्की के एक अदालत के फैसले के बाद से इसे फिर से मस्जिद घोषित किया जा रहा है। तुर्की के एतिहासिक शहर और राजधानी इस्ताम्बुल में बनी इस ऐतिहासिक इमारत का स्टेटस बदलने को लेकर कई देश आमने सामने आ चुके हैं। दरसल यह इमारत से जुड़ा हुआ इतिहास 1700 साल पुराना है। इसके नाम में हयाग का मतलब पवित्र और सोफिया का मतलब विवेक अर्थात ‘इश्वर के पवित्र विवेक से जुड़ी हुई धार्मिक जगह’ है। यह इमारत निर्माण के समय से 900 साल तक एक बेहद ही विख्यात चर्च हुआ करती थी। इसके बाद हुए एक युद्द के बाद 500 साल तक इसे पवित्र मस्जिद के रूप में पहचाना गया। अंत में 1934 में इस झगड़े को सुलझा कर इसे संग्रहालय का दर्जा दे दिया गया था।     10 जुलाई को अदालत ने 86 साल पुराने इस फैसले को पलट कर इसे फिर से मस्जिद के रुप में पहचान देने का फैंसला दिया है। अब यह फैंसला इसलिए भी च्रर्चा में है क्योंकि इस फैंसले को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। क्योंकि तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन और उनकी पार...

मध्यप्रदेश केबिनेट को लेकर शिवराज और सिंधिया में दौड़

Image
मध्यप्रदेश में मंत्रीमंडल विस्तार के 9 दिन आज होगा विभागों का वितरण मोहित सिंह कुशवाहा        मध्यप्रदेश सरकार में राजनीतिक उठापटक लगातार जारी है। जहाँ शिवराज सरकार के 100 दिन पूरे होने पर मंत्रीमंडल का विस्तार हुआ ही था। लेकिन शिवराज सरकार अभी तक मंत्रीयों को मंत्रालयों का बंटवारा नहीं कर पाई है। अब बात निकल कर आ रही है कि मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर भी ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में खींचतान बनी हुई थी। जिसके बाद से मामला पार्टी हाई कमान के पास चला गया था। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा , राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात गृहमंत्री अमित शाह से हुई है। दो दिन तक दिल्ली में चली बैठकों के बाद अब निर्णय ले लिया गया है। पहले गुरूवार की सुबह मुख्यमंत्री की केबिनेट की मीटिंग में नामों की घोषणा की बात कही जा रही थी। लेकिन लगातार अटकलें ही लगाई जा रहीं थी।   राज्य की राजनीति की बात करें तो मध्यप्रदेश की सभी पार्टियों में गुटबाजी कहीं न कहीं देखने को मिल रही है। ...